अंडमान निकोबार का रहन सहन
अंडमान और निकोबार के लोगो का रहन सहन भारत के आम नागरिकों जैसा ही हैं क्योंकि इन द्वीपसमूहों में लोग अन्य अन्य राज्यो से आकर बसे हुए है जैसें की पंजाब, तमिल नायडू, महाराष्ट्र, केरला, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, कोलकाता इत्यादि। यहां हर तरह के राज्यो का प्रसिद्ध भोजन भी किया जा सकता है। इन द्वीपों में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च इत्यादि भी है। अंडमान निकोबार द्वीपसमूह को Mini India भी कहा जाता है यह कहना कदापि गलत नहीं होगा कि पर्यटक चाहें किसी भी राज्य से हो बेफिक्र होकर अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में छुट्टीया मनाने आ सकते हैं तथा अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह को करीब से देख सकते है जहा पहले इन द्वीपों को काला पानी भी कहा जाता था यह द्वीप आज भी अपने कई इतिहास अपने सीने में संजोए बैठे है।
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में स्वच्छ हवा और चारो ओर हरियाली तथा समुंद्र ही दिखाई देता है। यह द्वीपसमूह चाहे भारत से कोसो दूर है परन्तु इन लोगो में भारत के प्रति बहुत ही देशभक्ति देखने को मिलती है।
यहां के लोगो में आपसी भाईचारा तथा एक दूसरे के शादियों में आना जाना रहता है और जात और भेद भाव का कोई नामो निशान नहीं दिखाई देता है सबसे अच्छी बात यह है कि यहा पर लोग सभी त्यौहार बड़ी धूम धाम से मनाते हैं और यहाँ पर दुर्गा पूजा, गुरु नानक बर्थडे और ईद सभी मनाए जाते है। अंडमान में भारत के सभी राज्यों जैसे की उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार, झारखण्ड, उड़ीसा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिल नाडू, केरला और कोलकाता आदि से आकर यहा रहते है जिनकी जनसंख्या 2012 के आंकड़े के अनुसार 3,80,520 थी। अंडमान निकोबार दीप समूह को 3 जिलो में बाटा गया है “उत्तर अंडमान, दक्षिण अंडमान और निकोबार”। यहा पर भारत की सभी भाषाएं बोली जाती हैै परन्तु हिंदी भाषा ज्यादा बोली जाती हैं।
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